पूर्व सेवा गणना पर शिक्षकों की बड़ी जीत, हाईकोर्ट ने सरकार की अपील खारिज की

Zantro News Prime
April 23, 2026 • 12:32 PM

📰 पूर्व सेवा गणना पर हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, शिक्षकों के पक्ष में आया निर्णय
रायपुर, 23 अप्रैल। छत्तीसगढ़ में शिक्षकों की पूर्व सेवा गणना को लेकर चल रही लंबी कानूनी लड़ाई में बड़ा फैसला सामने आया है। हाईकोर्ट की डबल बेंच ने राज्य सरकार की अपील को खारिज करते हुए सिंगल बेंच के आदेश को बरकरार रखा है। इस निर्णय को प्रदेश के शिक्षकों के लिए बड़ी राहत माना जा रहा है।
यह मामला चिरमिरी नगर निगम में पदस्थ शिक्षक राजेंद्र प्रसाद पटेल से जुड़ा था। उन्होंने अदालत में याचिका दायर कर मांग की थी कि उनकी पूर्व सेवा को पुरानी पेंशन योजना (OPS) में शामिल किया जाए। उनका तर्क था कि संविलियन के बाद भी उनकी पिछली सेवा को पेंशन गणना में शामिल नहीं किया जा रहा है, जिससे उन्हें नुकसान हो रहा है।
इससे पहले हाईकोर्ट की सिंगल बेंच ने मामले की सुनवाई करते हुए राज्य सरकार को निर्देश दिया था कि पूर्व सेवा को पेंशन में शामिल करने पर विचार किया जाए और इसके लिए 120 दिनों की समयसीमा भी तय की गई थी। हालांकि, सरकार ने इस आदेश के खिलाफ डबल बेंच में अपील दायर कर दी।
डबल बेंच में सुनवाई के दौरान राज्य सरकार ने संविलियन की शर्तों का हवाला दिया, लेकिन अदालत ने इस तर्क को स्वीकार नहीं किया। कोर्ट ने स्पष्ट कहा कि जब पूर्व सेवा को पहले मान्यता दी जा चुकी है, तो उसे पेंशन गणना से बाहर रखना उचित नहीं है।
अदालत ने माना कि पूर्व सेवा को नजरअंदाज करना न्यायसंगत नहीं है और इससे कर्मचारियों के अधिकार प्रभावित होते हैं। इसी आधार पर डबल बेंच ने सरकार की अपील को खारिज करते हुए सिंगल बेंच के फैसले को कायम रखा।
इस फैसले के बाद अब प्रदेश के हजारों शिक्षकों को राहत मिलने की उम्मीद है। साथ ही राज्य सरकार पर यह दबाव भी बढ़ गया है कि वह तय समयसीमा के भीतर इस मामले में आवश्यक निर्णय ले।
कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि यह फैसला भविष्य में आने वाले ऐसे मामलों के लिए भी एक महत्वपूर्ण उदाहरण बन सकता है।

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