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छत्तीसगढ़ विधानसभा में नारी शक्ति वंदन अधिनियम का समर्थन, CM विष्णुदेव साय बोले—महिलाओं का सशक्तिकरण जरूरी

छत्तीसगढ़ विधानसभा में नारी शक्ति वंदन अधिनियम का समर्थन, CM विष्णुदेव साय बोले—महिलाओं का सशक्तिकरण जरूरी

📰छत्तीसगढ़ विधानसभा विशेष सत्र: नारी शक्ति वंदन अधिनियम के समर्थन में प्रस्ताव, CM साय बोले—महिलाओं के सशक्तिकरण से मजबूत होगा लोकतंत्र

रायपुर, 30 अप्रैल 2026।
छत्तीसगढ़ विधानसभा के विशेष सत्र में महिलाओं के अधिकार, सम्मान और सशक्तिकरण को लेकर अहम चर्चा हुई। मुख्यमंत्रीविष्णुदेव सायने नारी शक्ति वंदन अधिनियम के समर्थन में प्रस्ताव प्रस्तुत करते हुए कहा कि संसद और विधानसभाओं में महिलाओं को एक तिहाई आरक्षण देना देश के संतुलित विकास के लिए जरूरी कदम है। उन्होंने कहा कि इससे महिलाओं की भागीदारी बढ़ेगी और निर्णय प्रक्रिया अधिक प्रभावी व समावेशी बनेगी।

मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि समाज का विकास तभी संभव है, जब महिलाओं को बराबरी का अवसर मिले। उन्होंने जोर देकर कहा कि देश की आधी आबादी को निर्णय लेने में शामिल करना लोकतंत्र को मजबूत बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है।

उन्होंने छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विरासत का उल्लेख करते हुए कहा कि यह भूमि माता शबरी, मां दंतेश्वरी और मां महामाया की भूमि है, जहां नारी को हमेशा शक्ति और सम्मान के रूप में देखा गया है। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति में नारी केवल सम्मान की पात्र नहीं, बल्कि सृजन और जीवन की आधारशिला है।

मुख्यमंत्री ने अपने भाषण में कई प्रेरणादायक महिलाओं का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि इतिहास से लेकर आधुनिक समय तक महिलाओं ने हर क्षेत्र में अपनी पहचान बनाई है। उन्होंने रानी लक्ष्मीबाई, रानी दुर्गावती और अवंती बाई जैसी वीरांगनाओं को प्रेरणा का स्रोत बताया। साथ ही आधुनिक दौर में भी महिलाओं ने विज्ञान, शिक्षा और अन्य क्षेत्रों में देश का नाम रोशन किया है।

सरकार की योजनाओं पर बात करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि महिलाओं के विकास के लिए स्वास्थ्य, शिक्षा, रोजगार और सुरक्षा से जुड़ी कई योजनाएं चलाई जा रही हैं। इन योजनाओं का असर यह है कि महिलाएं अब आत्मनिर्भर बन रही हैं और समाज में उनकी भागीदारी बढ़ रही है।

उन्होंने बताया कि वर्ष 2026 को “महतारी गौरव वर्ष” के रूप में मनाया जा रहा है, जिसका उद्देश्य महिलाओं के योगदान को सम्मान देना और उनके विकास को बढ़ावा देना है। इस दौरान महिलाओं के लिए विशेष कार्यक्रम और योजनाएं संचालित की जाएंगी।

मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि सरकार ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों में रहने वाली महिलाओं तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने पर विशेष ध्यान दे रही है। स्व-सहायता समूहों के माध्यम से महिलाएं रोजगार से जुड़ रही हैं और अपनी आर्थिक स्थिति मजबूत कर रही हैं।

उन्होंने कहा कि पंचायती राज संस्थाओं में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी लोकतंत्र के लिए अच्छा संकेत है। बड़ी संख्या में महिलाएं जनप्रतिनिधि बनकर स्थानीय विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।

अपने संबोधन के अंत में मुख्यमंत्री ने कहा कि महिलाओं का सशक्तिकरण केवल एक नीति नहीं, बल्कि समाज के समग्र विकास का आधार है। उन्होंने सभी वर्गों से अपील की कि वे महिलाओं के सम्मान और अधिकारों को बढ़ावा दें, ताकि एक मजबूत और संतुलित समाज का निर्माण हो सके।

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